मुंबई (30 सितंबर 26)। मारुति सुज़ूकी ने अपनी आने वाली कारों में एडवांस सेफ्टी फीचर्स बढ़ाने की योजना बनाई है। कंपनी का फोकस सिर्फ महंगी कारों तक Advanced Driver Assistance Systems (ADAS) को सीमित रखने के बजाय इसे कम कीमत वाली कारों में भी उपलब्ध कराने पर है। भारत Suzuki की इस योजना के लिए अहम बाजारों में शामिल है। कंपनी ने 2026 की Technology Strategy Briefing में ADAS के साथ नए इंजन, हाइब्रिड पावरट्रेन और हल्की बॉडी तकनीक से जुड़ी अपनी योजनाओं की जानकारी दी।
मारुति सुज़ूकी ने भारत में सड़क सुरक्षा की स्थिति को भी अपनी रणनीति का एक बड़ा कारण बताया है। कंपनी के अनुसार 2024 में भारत में सड़क हादसों में करीब 1.77 लाख लोगों की मौत हुई थी। Suzuki का कहना है कि भारत में प्रति व्यक्ति सड़क दुर्घटना में मौत की दर जापान की तुलना में करीब छह गुना है। 2024 में भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार में करीब 40.6 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के कारण कंपनी कम कीमत वाली कारों में सुरक्षा तकनीक पहुंचाने पर जोर दे रही है। कंपनी की योजना ADAS को ज्यादा से ज्यादा कारों तक पहुंचाने की है। कंपनी का मानना है कि अगर महंगी कारों में ही एडवांस सेफ्टी सिस्टम दिए जाएं तो सड़क हादसों को कम करने में इसका असर सीमित रहेगा। कंपनी के ‘SDV Right’ सिस्टम के तहत ग्राहकों के लिए जरूरी सुरक्षा फीचर्स की पहचान की जाएगी और भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कम लागत वाला ADAS तैयार किया जाएगा। इसमें ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन डिपार्चर प्रिवेंशन जैसे फीचर्स को जरूरी सुरक्षा तकनीक के तौर पर शामिल करने की योजना है। वहीं, ड्राइविंग में सुविधा देने वाले कुछ अन्य फीचर्स ग्राहकों की पसंद के आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे कार की कीमत को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
Maruti Suzuki ADAS सिस्टम की लागत कम करने के लिए इसके हार्डवेयर को सरल बनाने पर काम कर रही है। कंपनी का प्रस्तावित सिस्टम हाई-रेजोल्यूशन कैमरों और AI चिप्स पर आधारित होगा। इसमें आगे की तरफ लगाए जाने वाले रडार को हटाने की योजना है, जिससे सिस्टम की लागत कम हो सकती है। कंपनी ADAS के साथ ड्राइवर मॉनिटरिंग और ऑक्यूपेंट मॉनिटरिंग के लिए कैमरा सिस्टम को भी एक साथ जोड़ने पर काम कर रही है। इससे अलग-अलग हार्डवेयर की जरूरत कम होगी और सिस्टम को ज्यादा सरल बनाया जा सकेगा। भारत में स्थानीय ट्रैफिक और सड़क परिस्थितियों को ध्यान में रखकर इस तकनीक को विकसित करना Suzuki की योजना का अहम हिस्सा होगा।