नईदिल्ली (18 फरवरी 25)। दिल्ली सरकार के वरिष्ठ मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सत्येंद्र जैन अब मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कानूनी दांवपेंच का सामना करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी गिरफ्तारी के लिए मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में केस चलाने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ED) को यह अधिकार मिल गया है कि वह सत्येंद्र जैन के खिलाफ इस मामले में कार्रवाई करे। ED पहले ही जैन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और अब गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
सत्येंद्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है और इसके लिए मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियां की हैं। अगस्त 2017 में सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद, दिसंबर 2018 में सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जांच शुरू की थी और जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। मई 2022 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जब वह दिल्ली सरकार में मंत्री थे। हालांकि, फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं, लेकिन ED ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। सत्येंद्र जैन के खिलाफ केस चलाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति से मंजूरी मांगी थी, जिसे अब मिल चुकी है। गृह मंत्रालय ने ईडी की जांच और सबूतों के आधार पर राष्ट्रपति से यह मंजूरी प्राप्त की थी। इसके बाद, अब ED के पास कानूनी अधिकार है कि वह इस मामले में केस चलाए और कार्रवाई करे। धारा 218 के तहत यह मंजूरी प्राप्त की गई थी, जो अधिकारियों को सरकारी कार्यों में संरक्षण देती है, लेकिन जब कोई अपराधी के रूप में सामने आता है तो उस पर कार्रवाई की जाती है।