Thursday, 01 Oct 2026

मोदी की स्वतंत्र विदेश नीति जबरदस्त: लावरोव

मॉस्को (29 सितंबर 25)। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने  संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि भारत और रूस के बीच की दोस्ती किसी भी अमेरिकी दबाव से प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वतंत्र और साहसी विदेश नीति की भी सराहना की और स्पष्ट किया कि नई दिल्ली के किसी भी निर्णय को मॉस्को के साथ संबंधों के मानक के रूप में नहीं देखा जा सकता। लावरोव ने कहा है कि मॉस्को, भारत के राष्ट्रीय हितों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपनाई जा रही जबरदस्त स्वतंत्र विदेश नीति का पूरा सम्मान करता है। 

लावरोव ने यह भी कहा कि अमेरिका या किसी अन्य देश के साथ नयी दिल्ली के संबंध भारत-रूस संबंधों के लिए मानक नहीं हो सकते। उच्च-स्तरीय आम चर्चा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के संबोधन से कुछ समय पहले लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और रूस के बीच ‘विशिष्ट रणनीतिक साझेदारी' है। उन्होंने शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमेरिका या किसी अन्य देश के साथ नयी दिल्ली की स्थितियों को वह भारत और रूस के बीच संबंधों का मानदंड नहीं मान सकते। लावरोव से पूछा गया था कि अमेरिका द्वारा विभिन्न देशों पर रूसी तेल की खरीद कम करने के दबाव के बावजूद भारत वहां से तेल का आयात जारी रखे हुए है, इस परिप्रेक्ष्य में मॉस्को, नयी दिल्ली के साथ अपने संबंधों को किस प्रकार देखता है। लावरोव ने कहा, 'हम भारत के राष्ट्रीय हितों का पूरा सम्मान करते हैं और (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी द्वारा इन राष्ट्रीय हितों को बढ़ावा देने के लिए अपनाई जा रही विदेश नीति का भी पूरा सम्मान करते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस नियमित रूप से उच्च-स्तरीय संपर्क बनाए हुए हैं। लावरोव ने चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई हालिया मुलाकात का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन के दिसंबर में नयी दिल्ली जाने की उम्मीद है। 






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