निकोसिया (17 जून 25)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उन्होंने और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे संघर्षों पर ‘चिंता जताई' और उन दोनों का मानना है कि ‘यह युद्ध का युग नहीं है।' मोदी ने यहां क्रिस्टोडौलिडेस के साथ व्यापक वार्ता के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में अपने संबोधन में यह भी कहा कि ‘बातचीत के जरिए समाधान और स्थिरता बहाल करना मानवता की मांग है।' प्रधानमंत्री ने सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में साइप्रस के समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, 'हम सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में साइप्रस के समर्थन के लिए आभारी हैं।' प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में अभी साइप्रस में हैं। मई में भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर' चलाए जाने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में, ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया गया था। संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान अपने संबोधन में राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस ने कहा, 'हमारे बीच ऐतिहासिक मित्रता है और हमारे संबंधों में विश्वास है।उन्होंने 22 अप्रैल के भयावह पहलगाम आतंकी हमले को भी याद किया और कहा कि साइप्रस, भारत के साथ ‘पूरी एकजुटता' के साथ खड़ा है। राष्ट्रपति ने कहा कि साइप्रस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है। अपने संबोधन में क्रिस्टोडौलिडेस ने अहमदाबाद में 12 जून को हुए एअर इंडिया विमान हादसे का भी जिक्र किया और कहा कि साइप्रस के लोग दुख की इस घड़ी में भारत के साथ हैं।