Tuesday, 06 Oct 2026

युवा पीढ़ी को आपातकाल से परिचित कराना जरूरी: सीएम

भोपाल (04 जून 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में माता-बहनों को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। राज्य सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हरसंभव प्रयास जारी हैं। आज नरसिंहपुर जिले में एसपी और कलेक्टर दोनों पद महिला अधिकारियों के पास हैं। शहडोल संभाग की संभागायुक्त भी महिला ही हैं। प्रदेश की मुख्य सचिव भी महिला अधिकारी रह चुकी हैं। महिला सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार विशेष रूप से संवेदनशील है, मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने दुष्कर्म के मामलों में सबसे पहले फांसी का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य स्तरीय महिला मॉक पार्लियामेंट को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीपुल्स यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, महापौर मालती राय, सांसद वीडी शर्मा, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, हितानंद शर्मा सहित जनप्रतिनिधि तथा प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों की छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीसाबंदी तपन भौमिक का तुलसी पौधा एवं अंगवस्त्रम भेंटकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागियों से आपातकाल संबंधित विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला मॉक पार्लियामेंट एक वैचारिक मंच है। मॉक पार्लियामेंट जैसी पहल से युवाओं में देश की राजनीतिक व्यवस्था की समझ विकसित होती है। युवा पीढ़ी को 50 साल पहले के आपातकाल के इतिहास से परिचित कराना जरूरी है।


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