Monday, 05 Oct 2026

राष्ट्रपति का अभिभाषण नीरस और खोखले वादों से भरा था: कांग्रेस

नईदिल्ली (29 जनवरी 26)। कांग्रेस ने बुधवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के बाद नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र द्वारा तैयार किया गया भाषण नीरस और खोखले वादों से भरा था। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह आरोप भी लगाया कि विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म कर दिया और करोड़ो लोगों की जीविका छीन ली। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘हर साल केंद्रीय मंत्रिमंडल राष्ट्रपति के अभिभाषण को मंजूरी देता है...विकसित भारत का नारा जोर-शोर से दोहराया जाता है, फिर भी इसमें कोई स्पष्ट लक्ष्य, कोई समयसीमा नजर नहीं आती है।' उन्होंने कहा, ‘विकास पर बड़े-बड़े भाषण देते हुए, गरीब-विरोधी, पूंजीपति-समर्थक मोदी सरकार ने मनरेगा को बेरहमी से खत्म कर दिया है। यह एक ऐसा अधिनियम था जो काम के अधिकार की गारंटी देता। करोड़ों श्रमिकों की आजीविका का एकमात्र साधन छीना गया।'

खरगे ने सवाल किया कि यह कैसा ‘विकसित भारत' है, जहां गरीबों को जीवित रहने के साधनों से वंचित कर दिया जाता है और नारों के लिए सम्मान की बलि चढ़ा दी जाती है? राष्ट्रपति के अभिभाषण के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘कुछ भी नया नहीं था, सिर्फ उन चीजों का दोहराया गया जो वह पहले कह चुकी हैं।' उन्होंने दावा किया, ‘सरकार द्वारा तैयार किया गया पूरी तरह से खोखला भाषण है। सरकार के खोखले वादे बार-बार दोहराए गए हैं।' राष्ट्रपति द्वारा नए विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम का उल्लेख किए जाने को लेकर विपक्ष के हंगामे पर उन्होंने कहा, ‘हमने उस समय विरोध किया था। हम पहले से ही इस कानून को वापस लेने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। इसलिए मैंने कहा कि ये केंद्र सरकार के खोखले वादे हैं।' कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, ‘माननीय राष्ट्रपति इस अभिभाषण देने के लिए केवल सरकार की प्रवक्ता हैं। अभिभाषण सरकार द्वारा लिखा जाता है और कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया जाता है।' तिवारी ने कहा, ‘उन परिस्थितियों में, यह एक नीरस संबोधन था। इसमें कोई दृष्टिकोण नहीं रखा गया, केवल सरकार की कथित उपलब्धियों की एक सूची पढ़ी गई।' राष्ट्रपति मुर्मू ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा जब देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्‍वस्‍त कर दिया। उन्होंने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने इसके साथ ही कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा।

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