नईदिल्ली (22 जनवरी 26)। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान संभालते ही नितिन नबीन ने पार्टी संगठन को मजबूत करने और आने वाले चुनावों की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। चुनाव प्रभारियों की घोषणा के बाद बुधवार को पार्टी मुख्यालय में लगातार बैठकों का दौर चला, जिसमें संगठनात्मक ढांचे और चुनावी प्लानिंग पर विस्तार से चर्चा हुई। इन बैठकों के जरिए साफ संकेत दिया गया कि बीजेपी अब चुनावी मोड में आ चुकी है और हर स्तर पर तैयारियों को तेज किया जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दिनभर चली यह कवायद तीन अलग-अलग सत्रों में आयोजित की गई। पहले सत्र में नव नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष का औपचारिक स्वागत किया गया। दूसरे सत्र में संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। तीसरे सत्र में राज्यों के अध्यक्षों, संगठन मंत्रियों और चुनाव प्रभारियों के साथ अलग-अलग बैठकें हुईं। इन बैठकों में खासतौर पर उन राज्यों पर फोकस किया गया, जहां जल्द विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं। बैठकों के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने बताया कि नितिन नबीन ने सभी राज्यों से संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक की रिपोर्ट पर चर्चा हुई और जरूरी सुधारों को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठकों में जिन मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ चर्चा हुई, उनमें शामिल हैं- बूथ और मंडल स्तर पर संगठन को और मजबूत करना, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और सक्रियता बढ़ाना, युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए विशेष अभियान, प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को जमीनी स्तर तक और प्रभावी बनाना,
और चुनावी राज्यों के लिए अलग-अलग रणनीति। बीजेपी ने तय किया है कि हर चुनावी राज्य के लिए अलग रणनीति और रोडमैप तैयार किया जाएगा। पार्टी के आंतरिक आकलन के अनुसार पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की संभावनाएं मजबूत हैं। असम में सरकार दोहराने का लक्ष्य है। केरल में प्रदर्शन को पहले से बेहतर बनाने की तैयारी है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में सरकार बनाने की दिशा में संगठन को धार दी जाएगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में मिली हालिया चुनावी जीतों की भी समीक्षा की गई। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का पहला दौरा पश्चिम बंगाल का हो सकता है। यहां वे पार्टी के कोर ग्रुप के साथ बैठक कर विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे। जानकारी है कि यह दौरा 27 और 28 जनवरी को संभावित है।