इंदौर (20 जनवरी 26)। भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी मॉडल पर सीधा हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने इंदौर दौरे का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी करते हुए इन मौतों को सरकारी लापरवाही का नतीजा बताया है। करीब 8 मिनट 11 सेकंड के इस वीडियो में राहुल गांधी भागीरथपुरा के रहवासियों और पीड़ित परिवारों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो 17 जनवरी को भागीरथपुरा दौरे के दौरान राहुल गांधी की टीम द्वारा रिकॉर्ड किया गया था।
वीडियो में स्थानीय रहवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई मौतों को छिपाया गया और कुछ शवों को रातों-रात गांव भेज दिया गया। रहवासियों ने राहुल गांधी से कहा कि भागीरथपुरा शमशान बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार 22 दिसंबर से ही इलाके में लोग बीमार पड़ने लगे थे, जबकि दूषित पानी की शिकायतें पिछले छह महीनों से लगातार की जा रही थीं। आरोप है कि जब 200 से 250 लोग एक साथ अस्पतालों में भर्ती हुए, तब जाकर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। रहवासियों का दावा है कि अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन वास्तविक आंकड़े छिपाए जा रहे हैं। आरोप यह भी लगाया गया कि 28 दिसंबर को शमशान घाट का रजिस्टर गायब कर दिया गया, ताकि मौतों की सही संख्या सामने न आ सके। वीडियो में राहुल गांधी की इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंश भी शामिल किए गए हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी नागरिकों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना है और इस मामले में हुई लापरवाही ने लोगों की जान ली है।