Thursday, 01 Oct 2026

रिटायरमेंट वाले दिन IAS ऑफिसर गिरफ्तार

नईदिल्ली (02 जुलाई 26)। केंद्रीय प्रशासनिक गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। करोड़ों रुपये के बहुचर्चित बैंक घोटाले के मामले में सीबीआई (CBI) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रदीप डागर को गिरफ्तार कर लिया है। बेहद नाटकीय घटनाक्रम के तहत यह गिरफ्तारी ठीक उसी दिन हुई, जिस दिन आईएएस डागर सरकारी सेवा से रिटायर हो रहे थे।आरोप है कि  प्रदीप कुमार ने कथित तौर पर ऐसे फंड ट्रांसफर को मंज़ूरी दी जो फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए थे। इन पर आरोप है कि इन्होंने हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के फंड से जुड़े 169 करोड़ रुपये के बैंकिंग फ्रॉड किया। 

सीबीआई की संभावित कार्रवाई को भांपते हुए आईएएस प्रदीप डागर ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। लेकिन कानून का शिकंजा इतनी तेजी से कसा कि कोर्ट में इस याचिका पर औपचारिक सुनवाई शुरू होने से ऐन पहले ही सीबीआई की टीम ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया। इस बड़े बैंक घोटाले की जांच पिछले काफी समय से चल रही है, जिसमें सरकारी फंड्स और बैंक लोन के हेरफेर के आरोप हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि प्रदीप डागर के कार्यकाल के दौरान कई नियमों को ताक पर रखकर वित्तीय गड़बड़ियों को अंजाम दिया गया। प्रदीप डागर से पहले भी इसी घोटाले के सिलसिले में दो अन्य आईएएस अधिकारी सलाखों के पीछे जा चुके हैं। आम तौर पर रिटायरमेंट का दिन विदाई और सम्मान का होता है, लेकिन डागर के लिए यह दिन सीधे जेल की सलाखों तक ले जाने वाला साबित हुआ। सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, प्रदीप डागर जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही यह कदम उठाया गया है। अब उन्हें रिमांड पर लेकर घोटाले से जुड़े अन्य रसूखदारों के नामों का पता लगाया जाएगा।

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