Monday, 05 Oct 2026

विविधता में एकता से सशक्त होता भारत: राज्यपाल

भोपाल (24 जनवरी 26)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह केवल प्रशासनिक इकाइयों के गठन का स्मरण नहीं, बल्कि भारत की संघीय संरचना, सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्रीय अखंडता के उत्सव का पावन प्रसंग है। उन्होंने 'विविधता में एकता' को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' का संकल्प इसी भावना की जीवंत अभिव्यक्ति है। राज्यपाल पटेल मणिपुर, मेघालय और उत्तर प्रदेश राज्यों के संयुक्त स्‍थापना दिवस समारोह को शनिवार को लोकभवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्यों के स्‍थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर राज्यपाल पटेल को निदेशक राष्ट्रीय मानव संग्रहालय प्रो. अमिताभ पांडेय ने चित्रकार दोरेन सिंह द्वारा निर्मित केनवास पेंटिंग 'पुंग चोलम ऑफ मणिपुर' भेंट की। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे।

राज्यपाल पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' अभियान ने देश की विविधताओं को एक सूत्र में पिरोकर राष्ट्रीय एकता को नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने बताया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर 1 नवम्बर से 15 नवम्बर तक भारत पर्व के आयोजन में देश के सभी राज्यों की संस्कृतियों को एक मंच पर लाया जाता है। एकता नगर गुजरात में हुए गत वर्ष के समारोह में 11 नवम्बर को मध्यप्रदेश, मणिपुर एवं मेघालय का संयुक्त समारोह आयोजित हुआ था। इसमें राज्यों के राज्यपाल एवं मंत्री शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस का यह संयुक्त आयोजन इस सत्य को पुनः स्थापित करता है कि भौगोलिक दूरी के बावजूद हमारी आत्मा, चेतना और संस्कार एक हैं। उत्तर भारत की आध्यात्मिक चेतना, पूर्वोत्तर की समृद्ध लोक संस्कृति और पश्चिमी भारत की समुद्री विरासत का संगम भारत को विश्व मंच पर एक सशक्त और प्रेरक राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करता है। राज्यपाल  पटेल ने स्थापना दिवस को क्षेत्रीय अस्मिताओं के सम्मान और राष्ट्रीय एकता को और अधिक सुदृढ़ करने के सामूहिक संकल्प का विशेष प्रसंग बताया। उन्होंने विकास, सुशासन और सामाजिक समरसता को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। सभी नागरिकों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से भारत की सांस्कृतिक विविधता को गौरव के रूप में अपनाने और 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध होने का आग्रह किया।

Tags:

Follow us

This question is not available..!