वाशिंगटन (05 जनवरी 26)। वेनेजुएला में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर उठे अंतर्राष्ट्रीय विवाद के बीच ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई युद्ध या सैन्य आक्रमण नहीं, बल्कि कानून-प्रवर्तन की सीमित कार्रवाई थी। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला से नहीं, बल्कि ड्रग तस्करी संगठनों से लड़ रहा है। एनबीसी के कार्यक्रम Meet the Press में रुबियो ने कहा, 'कोई युद्ध नहीं है। अमेरिका वेनेजुएला से युद्ध में नहीं, बल्कि ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लड़ाई में है।'
रुबियो ने जोर देकर कहा कि यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून के तहत एक अभियुक्त नार्को-तस्कर की गिरफ्तारी के लिए किया गया और इसे किसी भी तरह से आक्रमण या सैन्य कब्जा नहीं कहा जा सकता। रुबियो ने एबीसी के This Week कार्यक्रम में बताया कि अमेरिकी बल केवल थोड़े समय के लिए जमीन पर थे, उन्होंने गिरफ्तारी को अंजाम दिया और फिर वापस लौट आए। उन्होंने कहा कि इस मिशन के लिए अदालत के वारंट और प्रतिबंध कानूनों का इस्तेमाल किया गया, न कि कांग्रेस से किसी युद्ध अनुमति का। सीबीएस के Face the Nation पर रुबियो ने कहा कि अब अमेरिका का फोकस दीर्घकालिक दबाव पर है। इसके तहत प्रतिबंधों को सख्ती से लागू किया जाएगा और समुद्री रास्तों से होने वाले तेल व्यापार पर 'तेल क्वारंटीन' लगाया जा रहा है। अदालतों के आदेश के जरिए प्रतिबंधित तेल शिपमेंट को जब्त किया जा रहा है। रुबियो ने यह भी साफ किया कि अमेरिका वेनेजुएला का प्रशासन नहीं चला रहा। 'हम देश नहीं चला रहे, हम अपनी नीति चला रहे हैं।' उन्होंने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य ड्रग तस्करी रोकना, गैंग्स को खत्म करना और विदेशी चरमपंथी संगठनों की मौजूदगी समाप्त करना है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने भी इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आत्मरक्षा बताया।