नईदिल्ली (18 अगस्त 25)। चुनाव आयोग (ECI) ने विपक्ष के वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाने के बाद सफाई जारी की है। आयोग ने कहा कि अगर समय पर ‘दावे एवं आपत्तियां’ की अवधि में त्रुटियों को स्पष्ट रूप से उजागर किया गया होता, तो उन्हें तुरंत ठीक किया जा सकता था।
ईसीआई ने कहा है कि पारदर्शिता मतदाता सूची तैयार करने की सबसे बड़ी विशेषता है। इसे सुनिश्चित करने के लिए, मतदाता सूची ड्राफ्ट (कच्ची सूची) के प्रकाशन पर डिजिटल और भौतिक दोनों रूपों में सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के साथ साझा की जाती है। 'दावे और आपत्तियों का समय' वोटर लिस्ट की त्रुटियों को बढ़िया तरीके से सुधारने का वह मौका होता है, जिसे राजनीतिक दलों और बूथ स्तर के एजेंटों (BLA) को गंभीरता से लेना चाहिए था। आयोग ने यह भी कहा कि गलतियां अगर समय रहते SDM, ERO या CEO तक पहुंचाई गई होतीं, तो उन्हें चुनाव से पहले सुधार लिया जाता। लेकिन अब जब बाद में शिकायतें सामने आ रही हैं, तो उन्हें ठीक करना मुश्किल है। बावजूद इसके, चुनाव आयोग ने अभी भी कहा कि वह राजनीतिक दलों और मतदाताओं से वोटर लिस्ट की जांच और सुझाव स्वागत योग्य मानता है और इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर सहयोग का आह्वान करता रहा है।