इंदौर (15 सितंबर 25)। नर्मदा परिक्रमा श्रद्धा का विषय है और भारत श्रद्धा का देश है। दुनिया में संघर्ष का कारण निजी स्वार्थ और अहंकार है। यह बात रविवार को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कही। वह नर्मदा खंड सेवा के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान भागवत ने पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल की पुस्तक ‘परिक्रमा कृपा सार’ का विमोचन भी किया। इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद थे।
भागवत ने कहा, श्रद्धा और विश्वास काल्पनिक नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव का विषय हैं। भारत में इन्हें साकार रूप भवानी-शंकर के रूप में दिया गया है। मुझे बताया गया कि पुस्तक में नर्मदा परिक्रमा के अनुभव का वर्णन है। इसे मैंने मान्य कर लिया है, क्योंकि नर्मदा परिक्रमा बहुत बड़ी श्रद्धा का विषय है। हमारा देश श्रद्धा का देश है। यहां कर्मवीर भी हैं और तर्कवीर भी हैं। लेकिन, हम लोग जानते हैं कि श्रद्धा और विश्वास से जीवन चलता है।