Thursday, 08 Oct 2026

संविधान में बदलाव जरुरी, मोदी-योगी से सीखें राहुल: ऋतेश्वर महाराज

ग्वालियर (21 नवंबर 25)। आनंद धाम वृंदावन के पीठाधीश्वर ऋतेश्वर महाराज अल्प प्रवास पर ग्वालियर पहुंचे। इस दौरान वे मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी आवास पहुंचे, जहां परिवार ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मीडिया से चर्चा में उन्होंने हिंदू राष्ट्र, संविधान संशोधन, राहुल गांधी की राजनीति, शिक्षा प्रणाली, मदरसों, चर्चों, POK और हालिया आतंकी मामलों पर बेबाक राय रखी।

संघ प्रमुख और धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू राष्ट्र संबंधी बयानों पर उन्होंने कहा कि ‘जब तक भारत की शिक्षा में सनातन और आधुनिक विज्ञान का समन्वय कर कक्षा 1 से 10 तक एक समान शिक्षा नहीं दी जाएगी, तब तक हिंदू राष्ट्र एक परिकल्पना ही रहेगा।’ उन्होंने कहा कि विकास केवल बाहरी नहीं, आध्यात्मिक भी होना जरूरी है। सरकार और समाज को शिक्षा सुधार पर जोर देना चाहिए। महाराज ने संविधान में व्यापक परिवर्तन का समर्थन किया। उन्होंने कहा ‘भारत के हर नागरिक के लिए एक समान कानून होना चाहिए। जमीन, विवाह और धार्मिक अधिकारों पर अलग-अलग कानून देश में असंतुलन ला रहे हैं। कॉमन सिविल कोड आवश्यक है।’ उन्होंने कठोर कानूनों की मांग करते हुए कहा कि लचर कानूनी ढांचे के कारण देश की डेमोग्राफी प्रभावित हो रही है। राहुल गांधी के जातिवाद संबंधी बयानों पर उन्होंने कहा कि ‘सवर्ण का अर्थ ‘सम वर्ण’ है। लोकतंत्र में नीतियां बदलनी पड़ती हैं। मोदी और योगी पर लोगों का भरोसा इसलिए है क्योंकि वे परिवारवादी राजनीति से दूर हैं। यदि राहुल गांधी यही सोच अपनाएं, तो लोग उनके साथ भी खड़े हो जाएंगे।’ भस्मासुर वाली टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि ‘अगर किसी को खुद में कोई दोष नहीं दिखता, तो ऐसी बातों से चिढ़ना नहीं चाहिए। यदि दोष हैं, तो सुधार करना चाहिए।’ 

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