नईदिल्ली (26 फरवरी 25)। दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक हत्या मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने 1 नवंबर, 1984 को जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या के मामले में फैसला सुनाया। शिकायतकर्ता जसवंत की पत्नी और अभियोजन पक्ष ने कुमार के लिए मौत की सजा की मांग की थी।
अदालत ने 12 फरवरी को कुमार को अपराध के लिए दोषी ठहराया था और तिहाड़ सेंट्रल जेल से उसके मानसिक और मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन पर रिपोर्ट मांगी थी, क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने मृत्युदंड वाले मामलों में ऐसी रिपोर्ट मांगे जाने को कहा था। हत्या के अपराध के लिए अधिकतम सजा मृत्युदंड है, जबकि न्यूनतम सजा आजीवन कारावास है। शिकायतकर्ता, जसवंत की पत्नी और अभियोजन पक्ष ने कुमार के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। हालांकि पंजाबी बाग पुलिस स्टेशन ने शुरू में मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में एक विशेष जांच दल ने जांच अपने हाथ में ले ली। 16 दिसंबर, 2021 को अदालत ने कुमार के खिलाफ़ आरोप तय किए और उनके खिलाफ़ 'प्रथम दृष्टया' मामला पाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घातक हथियारों से लैस एक विशाल भीड़ ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या का बदला लेने के लिए बड़े पैमाने पर लूटपाट, आगजनी और सिखों की संपत्ति को नष्ट किया था।