नईदिल्ली (12 सितंबर 25)। चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। बाद में उन्होंने राज्यसभा के सभापति के रूप में पदभार ग्रहण किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति भवन में एक संक्षिप्त समारोह में 67 वर्षीय राधाकृष्णन को शपथ दिलाई। लाल कुर्ता और सफेद रंग की धोती पहने राधाकृष्णन ने ईश्वर के नाम पर अंग्रेजी में शपथ ली। समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। राष्ट्रपति मुर्मू ने शपथ लेने के बाद राधाकृष्णन को बधाई दी। राधाकृष्णन ने मंगलवार को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रैड्डी को 152 मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की थी।
प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जे.पी. नड्डा पहली पंक्ति में बैठे थे। शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी उपस्थित थे। भारत के प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई भी समारोह में उपस्थित थे और बिरला के बगल में बैठे थे। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और कुछ अन्य विपक्षी नेता समारोह में शामिल हुए और राधाकृष्णन से हाथ मिलाया। शपथ ग्रहण के बाद राधाकृष्णन ने शुक्रवार को राज्यसभा के सभापति के रूप में पदभार ग्रहण किया। राधाकृष्णन ने संसद भवन परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की, जहां राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उनका स्वागत किया।