दमिश्क (23 जून 25)। सीरिया की राजधानी दमिश्क में रविवार को एक भीषण आत्मघाती हमला हुआ, जिसने देश की राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके को हिला कर रख दिया। यह हमला शहर के डुवैला क्षेत्र में स्थित सेंट एलियास चर्च में उस वक्त हुआ, जब दर्जनों लोग प्रार्थना सभा में भाग ले रहे थे।
सीरियाई गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यह हमला एक आत्मघाती हमलावर द्वारा किया गया, जो आतंकी संगठन ISIS से जुड़ा था। हमलावर पहले चर्च के अंदर भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, और फिर विस्फोटक जैकेट से खुद को उड़ा लिया। इस हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 13 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह हमला राजधानी के केंद्र में स्थित डुवैला इलाके में हुआ, जिसे अब तक सीरियाई सरकार के नियंत्रण वाला सबसे सुरक्षित क्षेत्र माना जाता था। यही कारण है कि इस हमले ने न केवल सरकार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि आम नागरिकों में भी डर और आक्रोश की लहर दौड़ गई है।
हालांकि अब तक किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की औपचारिक जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सीरिया के गृह मंत्रालय ने इसे ISIS से जुड़े एक आत्मघाती हमलावर का काम बताया है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस हमले के पीछे सीरिया में सक्रिय बाकी आतंकी गुटों का सहयोग भी हो सकता है, जो ईसाई समुदाय को निशाना बनाने की साजिशें करते रहे हैं। सीरिया के सूचना मंत्री डॉ. हमज़ा अल-मुस्तफा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, 'यह एक कायराना और अमानवीय हमला है, जो हमारी राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भावना को चोट पहुंचाने की कोशिश है। लेकिन हम इस तरह की साजिशों को सफल नहीं होने देंगे।' उन्होंने आगे कहा कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगी और इस हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाकर रहेगी।