नईदिल्ली (27 सितंबर 24)। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी को धन शोधन के मामले में जमानत दे दी है। यह मामला सेंथिल बालाजी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज किया गया था। अदालत के इस फैसले से उन्हें काफी राहत मिली है, क्योंकि वह पिछले कुछ समय से न्यायिक हिरासत में थे। जमानत मिलने के बाद अब वह अपनी रिहाई के लिए प्रक्रिया का पालन करेंगे। सेंथिल बालाजी को 14 जून, 2023 को चेन्नई में उनके निवास से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने PMLA एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। यह मामला तब दर्ज किया गया था जब उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपने कार्यकाल में परिवहन मंत्री के रूप में नौकरी के बदले में पैसे लिए थे, जो कि एआईएडीएमके सरकार के दौरान हुआ था। डीएमके नेता की जमानत याचिका पर निर्णय सुनाते हुए न्यायमूर्ति अभय ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि सख्त जमानत प्रावधान और मुकदमे में देरी साथ नहीं चल सकते, जैसा कि लाइव लॉ द्वारा रिपोर्ट किया गया है। अदालत ने यह भी माना कि मामले में जमानत देने का यह समय है।चेन्नई की एक सत्र अदालत ने पिछले तीन मौकों पर उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी। पिछले साल अक्टूबर में उच्च न्यायालय ने उनकी मेडिकल ज़मानत याचिका भी खारिज कर दी थी, जिसे शीर्ष अदालत ने बरकरार रखा था।