भोपाल (25 फरवरी 25)। भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में इन्वेस्टिंग इन ह्यूमन केपीटल-कौशल विकास विषय पर केंद्रित सत्र में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने की रणनीतियों पर गहन मंथन हुआ। कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन सबसे महत्वपूर्ण कारक है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रगति के साथ ही प्रदेश के युवाओं को नवीनतम तकनीकों में दक्ष बनाना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सकें।
मंत्री टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार 'शासन कम, सुशासन अधिक' की नीति के साथ काम कर रही है, जिसमें केवल सरकारी स्तर पर पहल न होकर निजी क्षेत्र की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रणाली विकसित हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश ने कौशल विकास को औद्योगिक नीति का अभिन्न अंग बनाया है, जिससे प्रदेश के युवाओं को आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा सके।
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदरसिंह परमार ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आपकी भागीदारी अभिनंदनीय है। शिक्षा में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। तकनीकी शिक्षा में निवेश कर सरकार के सहभागी बनें। आप कैम्पस चयन की तरह ही संस्थाओं का चयन कर उनमें सेंटर खोलें, ताकि स्किल्ड युवा मिल सकें। प्रदेश में हम परम्परागत कोर्स को बदलकर इण्डस्ट्री की मांग अनुसार कोर्स सम्मिलित करते जा रहे हैं। मंत्री परमार ने तकनीकी एवं उच्च शिक्षा में निवेश करने का भी आह्वान निवेशकों से किया।