नईदिल्ली (15 फरवरी 25 )। केंद्र सरकार ने 24 जनवरी 2025 को एक नई योजना का ऐलान किया, जिसे यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) कहा गया है। यह योजना केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए होगी, जो पहले से राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत रजिस्टर्ड हैं। UPS 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी और कर्मचारियों को यह विकल्प मिलेगा कि वे NPS या UPS में से किसी एक योजना को चुन सकेंगे।
UPS का उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों को एक निश्चित और स्थिर पेंशन प्रदान करना है। UPS के तहत, कर्मचारियों को उनकी अंतिम 12 महीने की औसत बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा, बशर्ते उन्होंने कम से कम 25 साल की सेवा पूरी की हो। यह पेंशन कर्मचारी के पूरे जीवनकाल के लिए सुनिश्चित होगी, और इसका भुगतान रिटायरमेंट के बाद किया जाएगा। अगर कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार को पेंशन का 60% हिस्सा मिलेगा। यह पेंशन कर्मचारी की जो मूल पेंशन होगी, उसका 60% होगा। इससे कर्मचारियों के परिवार को भी वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। इसके अलावा, सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जो कर्मचारी 10 साल या उससे अधिक की सेवा पूरी करते हैं, उन्हें कम से कम 10,000 रुपये की पेंशन मिलेगी। इस तरह UPS योजना उन कर्मचारियों के लिए सुरक्षा कवच प्रदान करेगी, जो लंबे समय तक सेवा देने के बाद रिटायर होते हैं।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम के तहत महंगाई के हिसाब से पेंशन में वृद्धि की जाएगी। यह वृद्धि महंगाई भत्ते के रूप में होगी, जो ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स के आधार पर कैलकुलेट होगी। इस स्कीम से रिटायर्ड कर्मचारियों को महंगाई के बढ़ने पर भी राहत मिलेगी और उनकी पेंशन का मूल्य हमेशा स्थिर रहेगा। यूनिफाइड पेंशन स्कीम के तहत सरकार का योगदान पहले से अधिक होगा। वर्तमान में, NPS में कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 10% योगदान करते हैं, और सरकार का योगदान 14% होता है। लेकिन 1 अप्रैल 2025 से UPS लागू होने पर सरकार का योगदान बढ़कर कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 18.5% हो जाएगा। इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जिसका अनुमान पहले साल में लगभग 6250 करोड़ रुपये होगा।