Saturday, 10 Oct 2026

320 की मौत, 377 घायल, 3042 करोड़ की संपत्ति का नुकसान

शिमला (01 सितंबर 25)। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस मानसून सीजन में अब तक 320 लोगों की जान जा चुकी है और 839 सड़कें बंद कर दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, 1 सितंबर को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी और शिमला में बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 2 सितंबर को यही स्थिति शिमला, सोलन और सिरमौर में भी बनी रहेगी। 3 से 5 सितंबर तक भी मौसम खराब रहने की संभावना है, हालांकि इन दिनों के लिए कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में अब तक 839 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिनमें चंबा में सबसे ज्यादा 286 सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा, कुल्लू और मंडी में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद पड़े हैं। बारिश के कारण बिजली और पानी की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसमें 728 ट्रांसफार्मर और 456 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं।

इस मानसून सीजन में अब तक 320 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 377 लोग घायल हैं और 40 लोग अभी भी लापता हैं। सबसे ज्यादा मौतें मंडी (51) और कांगड़ा (49) जिलों में हुई हैं। इसके अलावा, कुल 4041 घरों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से 824 घर पूरी तरह से ढह गए हैं। इस मानसून से राज्य को कुल 3042 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग (1693 करोड़ रुपये) और जल शक्ति विभाग (1070 करोड़ रुपये) को हुआ है। पिछले 24 घंटों में चंबा के चुआड़ी में सबसे ज्यादा 100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

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