नईदिल्ली (08 नवंबर 24)। वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा द्वारा अनुच्छेद 370 (Article 370) की बहाली की वकालत करने वाले प्रस्ताव की आलोचना की और इसे 'मूर्खतापूर्ण कार्य' बताया। विशेष दर्जा और संवैधानिक गारंटी बहाल करने के उद्देश्य से लाए गए इस प्रस्ताव को बुधवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, जिसमें भाजपा को छोड़कर सभी दलों ने इसका समर्थन किया। जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी द्वारा पेश और एनसी नेता सकीना मसूद द्वारा समर्थित इस प्रस्ताव को उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा के सत्र के तीसरे दिन पेश किया। इसमें जम्मू-कश्मीर की विशिष्ट पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा करने वाली विशेष गारंटी को 'एकतरफा हटाने' पर चिंता व्यक्त की गई।प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए नकवी ने कहा, 'जो लोग इस तरह की मूर्खता कर रहे हैं, वे संविधान में विधानसभा और संसद के अधिकारों के सीमांकन को अच्छी तरह जानते हैं। संसद के अधिकार का अतिक्रमण करने की होड़ से कोई फायदा नहीं होता।' अनुच्छेद 370 को इतिहास मान लिया जाना चाहिए, उन्होंने कहा कि इसे '370 किलोमीटर जमीन में दफना दिया गया है।' नकवी ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) की भी आलोचना की, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनुच्छेद 370 को हटाने से केंद्र शासित प्रदेश में कई मुद्दों का समाधान हुआ है।