नईदिल्ली (04 जुलाई 26)। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने Google Play Store और Apple App Store को चीनी BAT-BMS मोबाइल ऐप हटाने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि यह कदम तब उठाया गया जब इस बात की चिंता जताई गई कि इस ऐप का इस्तेमाल ई-रिक्शा के कामकाज में दूर से रुकावट डालने के लिए किया जा सकता है। यह फैसला सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आने के बाद लिया गया। इन वीडियो में कुछ लोग BAT-BMS ऐप का इस्तेमाल करके ब्लूटूथ के ज़रिए आस-पास के ई-रिक्शा से कनेक्ट करते और चलते हुए वाहनों की बैटरी सिस्टम को दूर से ही बंद कर देते हुए दिखाई दिए। इन घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा और कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सूत्रों के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद मंत्रालय ने इस मामले का संज्ञान लिया और ऐप तक लोगों की पहुंच को रोकने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा, सरकार ऐसी कमियों से जुड़े साइबर सुरक्षा के बड़े खतरों की जांच कर रही है और इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले कनेक्टेड बैटरी सिस्टम के लिए और सुरक्षा उपायों का आकलन कर रही है। BAT-BMS ऐप को शेन्ज़ेन ग्रीनर्जी टेक्नोलॉजी ने बनाया है। इसे ब्लूटूथ-इनेबल्ड लिथियम-आयन बैटरी के लिए एक सहयोगी ऐप के तौर पर डिज़ाइन किया गया है। यह ऐप बैटरी मालिकों को वोल्टेज, करंट, तापमान, चार्जिंग साइकिल और बैटरी की सेहत जैसी जानकारी पर नज़र रखने और बैटरी डिस्चार्ज फंक्शन को कंट्रोल करने की सुविधा देता है। भारत में बिकने वाले कई ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में ऐसे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल होता है जो बिना पासवर्ड सुरक्षा के आते हैं या फैक्ट्री-डिफ़ॉल्ट क्रेडेंशियल के साथ ही काम करते रहते हैं। इस वजह से, ब्लूटूथ रेंज (आमतौर पर 10 से 15 मीटर) के अंदर मौजूद कोई भी व्यक्ति मालिक की जानकारी के बिना बैटरी से कनेक्ट हो सकता है और कुछ मामलों में दूर से ही पावर कनेक्शन काट सकता है। इसके अलावा, खबरों के अनुसार दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा है कि हालांकि विभाग को कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन आम लोगों ने उनके ध्यान में यह मुद्दा लाया है।