नईदिल्ली (09 अक्टूबर 25)। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में हाल ही में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। प्रदर्शनकारियों की भारी संख्या ने साफ कर दिया है कि पीओके के लोग पाकिस्तान के कब्जे को बर्दाश्त नहीं करना चाहते। यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी के विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष जमील मकसूद ने कहा कि पाकिस्तान एक डूबता हुआ टाइटैनिक जहाज है, और पीओके के लोग अब उस पर सवार होने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने हिंसक विरोध प्रदर्शनों के पीछे भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और बुनियादी सेवाओं की कमी को प्रमुख वजह बताया आजादी के लिए भारत से मदद की गुहार लगाई है।
इस बीच, भारत सरकार ने भी स्पष्ट संदेश भेजा है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, 'PoK भारत का अभिन्न हिस्सा है। यह लौटेगा… यह हमारी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है।' यह संदेश प्रधानमंत्री मोदी सरकार की तरफ से साफ है कि PoJK की वापसी का गणना शुरू हो चुकी है। इससे पहले भारतीय सेना, वायुसेना और रक्षा मंत्री भी इसी संदेश को दोहरा चुके हैं। मकसूद ने कहा, 'यह व्यापक भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद हमारे ऊपर थोपा गया है। पाकिस्तान नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों का प्रमुख बाजार बन चुका है। लोग स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास और रोजगार के अवसरों से वंचित हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब युवाओं ने आवाज उठाई है कि वे एक अखंड जम्मू-कश्मीर चाहते हैं, और पाकिस्तान में विलय या स्थानीय पहचान को कम करने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। मकसूद ने पीओके में पाकिस्तानी चरमपंथ और दमन के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया और कहा कि लोग बल प्रयोग के बावजूद अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे।