कोलकाता (10 अक्टूबर 25)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन (SIR) पर सख्त विरोध जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंगाल में SIR को लागू नहीं होने दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना अलग है और यहां की जनता को किसी भी तरह के दबाव या धमकी के माध्यम से मताधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
सीएम ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती दी और कहा कि बंगाल में अलग-अलग समुदाय हैं, जिन्हें हटाना या प्रभावित करना आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि बिहार में SIR लागू होने की वजह वहां की एनडीए सरकार और केंद्रीय एजेंसियों की मदद थी, लेकिन बंगाल की सामुदायिक संरचना पूरी तरह अलग है। उन्होंने कहा कि यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय हैं। ममता ने SIR को फर्जी और जनता को दरकिनार करने वाला उपाय बताया। उन्होंने कहा कि इसमें केवल कुछ अधिकारियों को बैठकों में बुलाकर धमकाया जाता है और राज्य सरकार को इन चर्चाओं से पूरी तरह बाहर रखा जाता है। सीएम ने संकेत दिया कि पश्चिम बंगाल के CEO के खिलाफ भी कई शिकायतें हैं, जिनका खुलासा वह सही समय पर करेंगी। सीएम ने आरोप लगाया कि SIR की आड़ में असली वोटरों के नाम हटाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि असम सरकार बंगाल के मतदाताओं को सूचना कैसे भेज सकती है और SIR शुरू होने से पहले केंद्रीय मंत्री डेढ़ करोड़ वोटरों के नाम हटाने की घोषणा कैसे कर सकते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्षता बनाए रखने की उम्मीद जताई।