नईदिल्ली (06 अगस्त 24)। कांग्रेस को किसान विरोधी करार देते हुए कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने सोमवार को राजनीतिक दलों से अपील की कि वे किसानों को वोट बैंक मानना बंद करें तथा उनके साथ इंसान की तरह व्यवहार करें। उच्च सदन में कृषि मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा पर अधूरे रह गए अपने जवाब को आगे बढ़ाते हुए कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से न केवल छोटे एवं सीमांत किसान सशक्त हुए बल्कि उनका सम्मान भी बढ़ा है।
चौहान जब जवाब दे रहे थे तब कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला ने उन्हें कई बार बाधित करना चाहा और भाजपा सरकार के ऊपर किसानों पर गोलियां चलाने का आरोप लगाया। कृषि मंत्री ने कहा, ‘मैंने पहले ही कहा था कि मुझे छेड़ो मत। अगर छेड़ा तो छोडूंगा नहीं।' उन्होंने मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के शासनकाल सहित कांग्रेस की विभिन्न सरकारों के शासन काल में किसानों पर गोलियां चलाए जाने की विभिन्न घटनाओं का हवाला दिया। कांग्रेस सदस्यों ने कृषि मंत्री के जवाब पर विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन से बाहर जा रहे कांग्रेस सदस्यों को इंगित करते हुए चौहान ने कहा कि यह भी सुनकर जाइये कि 23 अगस्त 1995 को हरियाणा में चलाई गई गोलियों से छह किसान मारे गए थे। इस बीच सभापति जगदीप धनखड़ ने कृषि मंत्री को रोकते हुए कहा कि यह बहुत ही ‘दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण' है.....। उन्होंने कहा कि जब सदन में देश के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग किसानों के बारे में चर्चा हो रही हो तो सदन में हर सदस्य का यह मौलिक कर्तव्य है कि वह चर्चा में गंभीरता से भाग ले।