भोपाल (13 मई 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उभरते आईटी राज्य से आगे बढ़ते हुए 'नेक्स्ट जेन टेक्नोलॉजी हब' के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। मध्यप्रदेश निश्चित ही आने वाले समय में देश की डिजिटल और तकनीकी अर्थव्यवस्था के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में कार्य करेगा।राज्य सरकार द्वारा जीसीसी, एआई, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, स्पेसटेक तथा एवीजीसी-एक्सआर जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में लागू की गई नीतियां प्रदेश को देश की नई तकनीकी शक्ति के रूप में स्थापित कर रही हैं। इन नीतियों से प्रदेश में वैश्विक निवेश को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार, नवाचार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तकनीक, नवाचार और कौशल आधारित विकास मॉडल की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने 'ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) पॉलिसी-2025' लागू की है। इस नीति से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को टेक्नोलॉजी, अनुसंधान, एनालिटिक्स और साझा सेवाओं के केंद्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा पूंजीगत सब्सिडी, भूमि रियायत, किराया सहायता और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए वेतन अनुदान जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में विकसित हो रहा आधुनिक आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक बना रहा है। इंदौर सुपर कॉरिडोर में विकसित हो रहे विश्वस्तरीय आईटी पार्क हजारों रोजगार अवसर सृजित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। 'मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025' के माध्यम से चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास और डिजाइन आधारित स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। नीति में पूंजीगत निवेश सहायता, भूमि रियायत, स्टॉम्प शुल्क प्रतिपूर्ति और विद्युत शुल्क में छूट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के प्रावधान शामिल किये गये हैं। अनुसंधान आधारित कंपनियों और डिजाइन स्टार्ट-अप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।