गांधीनगर (18 मई 26)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 'सहकार से समृद्धि' के मंत्र के माध्यम से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के विज़न तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय आधुनिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रणालियों और किसान-केंद्रित पहलों के माध्यम से देशभर में सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के गांधीनगर स्थित दशेला में मधुर डेयरी यूनिट-2 के अत्याधुनिक स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग संयंत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, गुजरात सरकार के माननीय मंत्री हर्ष संघवी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि दशेला में स्थापित यह आधुनिक डेयरी संयंत्र केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि लाखों दुग्ध उत्पादक परिवारों, विशेषकर ग्रामीण माताओं और बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि लगभग 128 करोड़ रुपये की लागत से 15 एकड़ भूमि पर निर्मित यह संयंत्र प्रतिदिन 2.5 लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण की क्षमता रखता है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि इस परियोजना से होने वाले लाभ का बड़ा हिस्सा सीधे दुग्ध उत्पादकों के बैंक खातों में पहुंचेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि डेयरी सहकारिता मॉडल ने गांवों में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बदलने का कार्य किया है। पहले महिलाएं केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन आज वे डेयरी गतिविधियों के माध्यम से परिवार की आर्थिक शक्ति बनकर उभरी हैं।