भीलवाड़ा (26 फरवरी 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को राजस्थान के भीलवाड़ा में हरिशेवा उदासीन आश्रम के स्थानापति महामण्डलेश्वर स्वामी हंसरामजी महाराज की मौजूदगी में हुए सनातन मंगल महोत्सव, संत समागम एवं दीक्षा महोत्सव में शामिल हुए। राजा भलराज भील की नगरी भीलवाड़ा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी हंसराम महाराज से भेंटकर उनका सानिध्य और आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगल महोत्सव एवं संत समागम में देश-विदेश से आये विद्वतजनों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सबके मंगल की कामना करने वाली महान और गौरवशाली भारतीय संस्कृति के संवाहक हैं। हमारी संस्कृति का सूत्र वाक्य ही 'वसुधैव कुटुंबकम्' है। हमारा यही जीवन मूल्य हमें 'स्व के साथ पूरी सृष्टि' के कल्याण की प्रेरणा देता है। सनातन मंगल महोत्सव का आयोजन हमारी सर्व कल्याणकारी भावना की ही जीवंत अभिव्यक्ति है। खुद के लिए तो सब जीते हैं, संसार के सभी प्राणियों, जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों-वनस्पतियों के कल्याण के जीवोमूल लक्ष्य के लिए जीना ही हम सबका परम सेवाधर्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की जड़ें सेवा, समर्पण, विश्व बंधुत्व और सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की परोपकारी भावना में निहित हैं। सेवाभाव ही हमारी संस्कृति का प्राण है और जीवमात्र की सेवा ही श्रीहरि की सेवा है, सम्पूर्ण मानवता की सेवा है। उन्होंने कहा कि 'रा' से राजस्थान और 'म' से मध्यप्रदेश मिलकर 'राम' की महिमा बढ़ा रहे हैं। हमारी सरकार राम और कृष्ण के जहां-जहां चरण पड़े, उन स्थानों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित कर रही है। हम श्रीरामचन्द्र गमन पथ और श्री कृष्ण पाथेय तैयार कर रहे हैं। सनातन मंगल महोत्सव एवं संत समागम में 3 युवा संतों ईशानराम महाराज, केशवराम महाराज और सुमज्ञराम महाराज को सन्यास की दीक्षा दिलाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों युवा सन्यासियों का माल्यार्पण एवं नमन करते हुए उनका अभिनंदन किया।