नईदिल्ली (16 मार्च 26)। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अचानक दिल्ली पहुंच गए हैं, जहां उनकी मुलाकात भाजपा के शीर्ष नेताओं से होने वाली है। जानकारी के अनुसार, वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अहम बातचीत करेंगे। सूत्रों का कहना है कि यह दौरा हाल ही में हुए जिला परिषद चुनावों के बाद गठबंधन के भीतर पैदा हुए असंतोष और समन्वय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए किया गया है।
हाल में संपन्न जिला परिषद चुनावों में भाजपा कई क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। वहीं शिव सेना (शिंदे गुट) को भी कुछ जिलों में सफलता मिली, लेकिन कई जगहों पर सत्ता गठन में उसे अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिल पाई। इसी वजह से पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि कुछ जिलों में गठबंधन होने के बावजूद सत्ता में भागीदारी को लेकर मतभेद सामने आए हैं। उदाहरण के तौर पर, रायगढ़ में पर्याप्त समर्थन होने के बावजूद शिवसेना को समझौते की स्थिति में आना पड़ा। फल्टन जैसे इलाकों में भी सत्ता से बाहर रखे जाने को लेकर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। इन घटनाओं के बाद पार्टी के अंदर असमंजस की स्थिति बन गई है और शिंदे का दिल्ली दौरा इसी संदर्भ में अहम माना जा रहा है। इससे पहले नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के दौरान भी दोनों दलों के बीच तालमेल को लेकर सवाल उठे थे। उस समय भाजपा में कुछ नेताओं के शामिल होने से शिव सेना (शिंदे गुट) को झटका लगा था। अब जिला परिषद चुनावों के बाद फिर से सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि शिंदे की दिल्ली यात्रा का मकसद गठबंधन के भीतर समन्वय बेहतर करना और आने वाले चुनावों की रणनीति पर चर्चा करना है।