Wednesday, 30 Sep 2026

अहमदाबाद हादसा: डुअल इंजन, क्रिटिकल सिस्टम फेलियर !

नईदिल्ली (03 जुलाई 25)। अहमदाबाद में हुए दिल दहला देने वाले एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर 20 दिन बाद जांच में जो आरंभिक संकेत मिले है, उसने सभी को चौंका दिया है। शुरुआती जांच और सिमुलेशन से ये साफ होता जा रहा है कि हादसे की जड़ में डुअल इंजन फेलियर और क्रिटिकल सिस्टम फेलियर छिपा था। टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान के दोनों इंजन अचानक बंद हो गए, जिससे फ्लाइट ने हवा में ही कंट्रोल खो दिया और कुछ ही पलों में वह ‘आग का गोला’ बन गई।

सूत्रों के मुताबिक, पायलटों ने फ्लाइट सिम्युलेटर में हादसे के समय के हालातों को दोहराया। इस दौरान उन्होंने लैंडिंग गियर को बाहर निकाला रखा और विंग फ्लैप्स को वापस खींचा, ताकि देखा जा सके कि इससे विमान पर क्या असर होता है। लेकिन टेस्टिंग में ये बात साफ हुई कि सिर्फ इन्हीं कारणों से हादसा नहीं हुआ हो सकता।

फ्लैप्स की स्थिति और लैंडिंग गियर का सुराग-क्रैश साइट से मिले बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के मलबे की जांच में यह पाया गया कि फ्लैप्स पूरी तरह से एक्सटेंडेड थे, यानी वे वापस नहीं खींचे गए थे। जबकि, यह तब जरूरी होता है जब विमान टेकऑफ या लैंडिंग कर रहा हो। इसके साथ ही, लैंडिंग गियर आंशिक रूप से बाहर था, और इसके दरवाज़े बंद थे—जिससे संकेत मिलता है कि हाइड्रोलिक या इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल हो गया होगा।

डुअल इंजन फेलियर की आशंका-पूर्व अमेरिकी नौसेना पायलट और एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन स्टीव शेबनर का मानना है कि यह हादसा दोनो इंजनों के एकसाथ फेल हो जाने से यह भयानक हादसा हुआ हो सकता है। उन्होंने बताया कि उड़ान भरते ही 'रैम एयर टर्बाइन' (RAT) का एक्टिव होना सीधे तौर पर इंजन फेलियर की ओर इशारा करता है। विमान के ब्लैक बॉक्स की डाटा एनालिसिस फिलहाल दिल्ली स्थित AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) की लैब में हो रही है। इसी से यह साफ हो पाएगा कि टेकऑफ के ठीक बाद क्या-क्या घटनाएं घटीं और प्लेन के सिस्टम में क्या गड़बड़ी हुई।

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