तेहरान (03 मार्च 26)। मध्य-पूर्व में जारी भीषण युद्ध के चौथे दिन ईरान ने अमेरिका और इजरायल को खुली धमकी दी है। Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैऩी ने सरकारी टीवी पर कहा, 'दुश्मन लगातार दंडात्मक हमलों का इंतजार करे। अमेरिका और इजरायल पर जहन्नुम के दरवाजे हर पल और ज्यादा खुलेंगे।' यह युद्ध शनिवार को शुरू हुआ, जब United States और Israel ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक इन हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि यह संघर्ष पांच सप्ताह या उससे भी ज्यादा चल सकता है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में साइप्रस स्थित ब्रिटिश RAF बेस को निशाना बनाया और खाड़ी देशों को भी चेतावनी दी। ईरान ने यूरोप को भी चेताया कि वह इस संघर्ष में हस्तक्षेप न करे, जबकि ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने अपने हितों की रक्षा के लिए 'रक्षात्मक कदम' उठाने की बात कही है। ईरान ने साफ कहा है कि अगर युद्ध बढ़ा तो वह Strait of Hormuz से गुजरने वाले हर जहाज को जला देगा। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे अहम मार्ग है। एक वरिष्ठ IRGC कमांडर ने दावा किया कि तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। इजरायली वायुसेना ने रात भर में राष्ट्रपति कार्यालय परिसर, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल भवन पर भारी बमबारी की। इजरायली सेना ने कहा कि उसने 'तेहरान के दिल में ईरानी आतंकवादी शासन के नेतृत्व परिसर को ध्वस्त कर दिया।' इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में कई रणनीतिक स्थानों पर सैनिक तैनात किए हैं।हालांकि सेना ने इसे 'ग्राउंड ऑपरेशन' नहीं बल्कि 'फॉरवर्ड डिफेंस' बताया। रक्षा मंत्री Israel Katz ने हिज़्बुल्लाह द्वारा रॉकेट हमलों के बाद अतिरिक्त क्षेत्रों पर नियंत्रण की अनुमति दी। इजरायली सेना पहले से नवंबर 2024 से दक्षिणी लेबनान में पांच स्थानों पर मौजूद है। लेबनानी सेना ने सीमा के कई ठिकानों से अपने सैनिकों को हटा लिया है। एक सैन्य सूत्र के अनुसार, सुरक्षा खतरे के कारण 8–9 सैनिकों की टुकड़ियों को वापस बेस में बुलाया गया।