Wednesday, 30 Sep 2026

किसी के आरोपी या दोषी होने से संपति में तोड़फोड़ नहीं हो सकती: SC

नईदिल्ली (02 अक्टूबर 24)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को विध्वंस अभियान से संबंधित अखिल भारतीय दिशा-निर्देशों के मुद्दे पर अपना आदेश सुरक्षित रखा और बिना अनुमति के संपत्तियों को ध्वस्त करने पर रोक लगाने के अपने अंतरिम आदेश को अगले आदेश तक बढ़ा दिया। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने मामले की लंबी सुनवाई के बाद यह निर्णय लिया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के किसी भी संपत्ति को ध्वस्त नहीं किया जाएगा, लेकिन यह आदेश सड़कों, फुटपाथों और धार्मिक संरचनाओं पर लागू नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, चाहे वह मंदिर हो, दरगाह हो या गुरुद्वारा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर संपत्ति को ध्वस्त नहीं किया जा सकता कि व्यक्ति आरोपी या दोषी है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि यदि दो संरचनाएं उल्लंघन में हैं और केवल एक के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो यह अनुचित होगा। कोर्ट ने कहा कि अनधिकृत निर्माणों के लिए एक सुसंगत कानून होना चाहिए और यह धर्म या आस्था पर निर्भर नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों या रेलवे लाइनों पर कोई भी अनधिकृत निर्माण है, तो विध्वंस रोकने का आदेश लागू नहीं होगा। इस आदेश के तहत, कोर्ट ने यह सुनिश्चित किया है कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही में कोई भेदभाव नहीं होगा और इसे कानून के अनुसार सख्ती से लागू किया जाएगा।

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