तेहरान (01 मार्च 26)। रविवार को ईरान ने इजराइल और खाड़ी अरब देशों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं। यह कदम सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद 'जवाबी कार्रवाई' के रूप में बताया गया। दोहा, दुबई, अबू धाबी और मनामा में जोरदार धमाके सुनाई दिए, कई जगह धुआं उठा। दोहा में प्रत्यदर्शियों ने बताया कि उन्होंने कई तेज़ धमाके सुने और शहर के दक्षिण में सुबह के साफ़ आसमान में घना काला धुआँ उठते देखा।यूएई, कतर और अन्य खाड़ी देशों पर ईरान के मिसाइल-ड्रोन हमलों के दावे हैं। इज़राइल ने ईरान में 30 से अधिक ठिकानों पर हमले की बात कही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान हमले तेज न करे, वरना अमेरिका 'अभूतपूर्व ताकत' से जवाब देगा।
इजराइली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ इयाल ज़मीर ने कहा कि वायुसेना ने 'पूरे ईरान में सैकड़ों ठिकानों' को निशाना बनाया। एक अधिकारी के मुताबिक, अभियान में सैन्य, सरकारी और खुफिया ठिकाने शामिल थे। रिपोर्ट्स में ईरानी सैन्य प्रमुख जनरल अब्दोल रहीम मूसावी और रक्षा मंत्री जनरल अजीज नासिरजादेह के मारे जाने का दावा है। साथ ही रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े अली शमखानी की मौत की घोषणा भी की गई। ईरान के मंत्रिमंडल और ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने कहा कि 'सीमाएं लांघ दी गई हैं' और करारा जवाब दिया जाएगा।ईरान ने यह भी कहा कि जून के बाद से उसने यूरेनियम संवर्धन नहीं किया, लेकिन बमबारी वाले स्थलों पर अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों की पहुंच सीमित की गई। दक्षिणी ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने की स्थानीय रिपोर्ट सामने आई है। अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहा कि इन खबरों की जांच की जा रही है। ईरान के एक राजनयिक ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सैकड़ों नागरिक के हताहत होने का दावा किया।