नईदिल्ली (13 मार्च 26)। देश की राजनीति में एक बड़ा विवाद सामने आया है। विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA alliance ने मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव के नोटिस पर 193 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें 130 लोकसभा और 63 राज्यसभा सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं। यह संख्या प्रस्ताव लाने के लिए जरूरी न्यूनतम समर्थन से काफी अधिक है।
बताया जा रहा है कि यह नोटिस 13 मार्च 2026 तक संसद के दोनों सदनों में पेश किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार किसी कार्यरत मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए औपचारिक प्रस्ताव लाया जाएगा। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। नोटिस में कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त पर पद पर रहते हुए एक राजनीतिक दल के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप। चुनाव से जुड़े विवादों और कथित धांधली की जांच को आगे न बढ़ाने का आरोप। मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में Special Intensive Revision (SIR) के दौरान अनियमितताओं का मुद्दा उठाया गया है। इसके अलावा चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले कई अन्य आरोप भी शामिल किए गए हैं।इन आरोपों को लेकर विपक्ष पहले भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है।
भारतीय संविधान के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना बेहद कठिन प्रक्रिया है। संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत CEC को उसी प्रक्रिया से हटाया जा सकता है, जैसे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में संसद और देश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। हालांकि सरकार के पास संसद में मजबूत बहुमत होने के कारण इस प्रस्ताव का पारित होना आसान नहीं माना जा रहा।