यरुशलम (03 मार्च 26)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई का खुलकर बचाव किया। उन्होंने अमेरिकी चैनल Fox News को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को बचाने के लिए ईरान पर हमला जरूरी था। नेतन्याहू ने इस अभियान को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' या 'रोअरिंग लायन' नाम दिया और इसे पूरी तरह रक्षात्मक कदम बताया। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान पिछले 47 वर्षों से 'अमेरिका की मौत' के नारे लगाता रहा है और दुनिया भर में आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने अमेरिकी दूतावासों पर हमले करवाए, हजारों अमेरिकियों को नुकसान पहुंचाया, अपने ही नागरिकों पर अत्याचार किए और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की दो बार कोशिश की। उनके शब्दों में, 'यह शासन अमेरिका को खत्म करने के इरादे से काम कर रहा है।'
नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान तेजी से अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा था। उनके मुताबिक ईरान नए अंडरग्राउंड बंकर बना रहा था। न्यूक्लियर ठिकानों को और सुरक्षित किया जा रहा था। कुछ महीनों में ये ठिकाने पूरी तरह सुरक्षित हो जाते। उन्होंने कहा, 'अगर अभी कदम नहीं उठाया जाता तो बाद में बहुत देर हो जाती। ईरान अमेरिका को ब्लैकमेल कर सकता था और पूरी दुनिया को धमकी दे सकता था।' नेतन्याहू का दावा है कि यह 'अंतहीन जंग नहीं', बल्कि शांति की ओर एक रास्ता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय संयम और शांति की अपील कर रहा है, लेकिन हालात फिलहाल शांत होते नहीं दिख रहे। नेतन्याहू ने राष्ट्रपति ट्रंप को 'दृढ़ और स्पष्ट नेता' बताया। उन्होंने कहा कि फ्लोरिडा के Mar-a-Lago में मुलाकात के दौरान ट्रंप ने साफ कहा था कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। इस बीच, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी और घरेलू विरोधियों की आलोचना की।