फ्लोरिडा (01 मार्च 26)। अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान शुरू कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीडियो संदेश जारी कर ईरानी जनता से 1979 से सत्ता में बैठे इस्लामी नेतृत्व के खिलाफ खड़े होने की अपील की। उन्होंने कहा, 'जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तो अपनी सरकार पर कब्ज़ा कर लेना। आने वाली कई पीढ़ियों में यह तुम्हारे पास शायद एकमात्र मौका होगा।'
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहूने भी इस अभियान को ईरानी जनता के भविष्य से जोड़ा और कहा कि यह कार्रवाई उन्हें 'अपना भाग्य खुद तय करने' का अवसर देगी। हमले की शुरुआत कथित तौर पर ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई के कार्यालयों के आसपास के इलाकों से हुई। राजधानी तेहरान के कई हिस्सों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं और धुएं के गुबार देखे गए। खामेनेई के केंद्रीय परिसर की ओर जाने वाली सड़कों को तुरंत बंद कर दिया गया। सरकारी टीवी ने विस्फोट की पुष्टि की, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं किया। स्थिति बिगड़ने के बाद संयुक्त अरब अमीरात और इराक ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया।जॉर्डन में सायरन बजने लगे। कतर, UAE और इजराइल में अमेरिकी दूतावासों ने कर्मचारियों को घरों में रहने के निर्देश दिए। इस बीच, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी समुद्री मार्गों और इजराइल पर हमले फिर से शुरू करने का संकेत दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि ईरान लगातार अपना परमाणु कार्यक्रम विकसित कर रहा है और ऐसी मिसाइलें बना रहा है जो अमेरिका तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने यह भी माना कि इस संघर्ष में अमेरिकी हताहत हो सकते हैं।ट्रंप ने कहा-'युद्ध में अक्सर ऐसा होता है।'