Sunday, 04 Oct 2026

पाकिस्तान हमास व मुस्लिम ब्रदरहुड से बढ़ा रहा नजदीकियां

काबुल (23 फरवरी 26)। काबुल से सामने आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों को ऑपरेशनल स्पेस उपलब्ध करा रही है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। Afghan Diaspora Network की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे संगठनों को मंच दे रहा है, जिससे स्थानीय आतंकी संगठनों जैसे Lashkar-e-Taiba (LeT) और Jaish-e-Mohammad (JeM) को वैचारिक और नेटवर्क समर्थन मिल सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भले ही अंतर्राष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान ने LeT और JeM पर प्रतिबंध लगाए हों, लेकिन ये संगठन सहयोगी संस्थाओं और फ्रंट स्ट्रक्चर के जरिए सक्रिय बने हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने जनवरी 2024 में अपनी सीनेट में हमास प्रतिनिधि खालिद क़ुद्दूमि की मेजबानी की। फरवरी 2025 में वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एक कार्यक्रम में भी शामिल हुए और धार्मिक व राजनीतिक हस्तियों से मुलाकात की। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियां पाकिस्तान को केवल दक्षिण एशिया ही नहीं, बल्कि मध्य पूर्व के समीकरणों में भी एक विवादित भूमिका में ला रही हैं। रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान का मिडिल ईस्ट की ओर झुकाव 'मिसकैलकुलेशन, वैचारिक फैलाव और प्रॉक्सी उलझाव' का जोखिम बढ़ा सकता है। इसमें कहा गया है कि यदि हमास जैसे संगठनों को पाकिस्तान में राजनीतिक मंच मिलता है, तो इससे देश का 'आतंकी समर्थक राष्ट्र' होने का वैश्विक नैरेटिव और मजबूत हो सकता है। हमास को अमेरिका और यूरोपीय संघ समेत कई पश्चिमी देशों ने आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है। रिपोर्ट में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया गया है कि वह पाकिस्तान की मध्य पूर्व नीति को एक 'तत्काल जोखिम-प्रबंधन चुनौती' के रूप में देखे, ताकि दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व में नए प्रॉक्सी संघर्ष और सशस्त्र टकराव को रोका जा सके।

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