Sunday, 04 Oct 2026

पीएम अमेरिका के सामने फिर 'आत्मसमर्पण' करेंगे: कांग्रेस

नईदिल्ली (22 फरवरी 26)। कांग्रेस ने अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए शनिवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व्यापार समझौते पर अमेरिका से दोबारा बातचीत नहीं कर सकते और वह फिर से समर्पण कर देंगे। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक शुल्क को खारिज कर दिया, जिससे ट्रंप के आर्थिक एजेंडे को बड़ा झटका लगा है। न्यायाधीशों ने बहुमत के फैसले में कहा कि संविधान बहुत स्पष्ट रूप से अमेरिकी कांग्रेस (संसद) को कर लगाने की शक्ति देता है, जिसमें शुल्क भी शामिल है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''प्रधानमंत्री समझौता कर चुके हैं। उनका विश्वासघात अब उजागर हो गया है। वह (व्यापार समझौते पर) दोबारा बातचीत नहीं कर सकते। वह फिर से समर्पण कर देंगे।''

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'बिना सिर-पैर वाली विदेश नीति या एकतरफा समर्पण? जिस 'ट्रैप डील' ने भारत से भारी रियायतें लीं, मोदी सरकार ने उसमें फंसने से पहले शुल्क पर अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया?' उन्होंने कहा, 'संयुक्त वक्तव्य में भारत को होने वाले कई अमेरिकी निर्यातों पर शून्य शुल्क की बात कही गई है जिससे भारतीय कृषि क्षेत्र का द्वार अमेरिकी वस्तुओं के लिए खुल जाएगा। साथ ही, 500 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के अमेरिकी सामान आयात करने की योजना, हमारी ऊर्जा सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाले रूसी तेल की खरीद पर रोक लगाने की प्रतिबद्धता और डिजिटल मोर्चे पर कई कर रियायतों की बात संयुक्त वक्तव्य में कही गई है।' उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि भारत के राष्ट्रीय हित और रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता करने के लिए उन पर किसने दबाव डाला? क्या यह एप्स्टीन फाइलें थीं?' उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत सरकार अपनी गहरी नींद से जागेगी और एक निष्पक्ष व्यापार समझौता करेगी जो 140 करोड़ भारतीय नागरिकों के आत्मसम्मान और हमारे किसानों, श्रमिकों, छोटे व्यवसायों और व्यापारियों के हितों की रक्षा करेगा? कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि यह समझौता एक कठिन परीक्षा की तरह बन गया है जिसका सामना देश को प्रधानमंत्री के आत्मसर्मपण के कारण करना पड़ रहा है। रमेश ने अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए यह सवाल भी किया कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि प्रधानमंत्री मोदी ने सुनिश्चित किया कि दो फरवरी 2026 की रात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा करें? अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद ट्रंप ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले का अमेरिका और भारत द्वारा इस महीने की शुरुआत में घोषित व्यापार समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा, साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अपने 'अच्छे' संबंधों पर भी चर्चा की।



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