इंदौर (04 फरवरी 26)। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को राजबाड़ा पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राजबाड़ा पहुंचे और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि अगर सरकार ने 8 दिनों के भीतर पीड़ित परिवारों को एक करोड़ का मुआवजा, परिजन को सरकारी नौकरी नहीं दी गई, तो कांग्रेस जनता के सहयोग से इंदौर बंद करवाएगी।
धरने में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विपिन वानखेड़े, चिंटू चौकसे, दीपू यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी और भागरीथपुरा के पीड़ित परिवार मौजूद थे। पटवारी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मामले में चुप क्यों है। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय से पूछा क्यों नहीं कि 32 में मौत कैसे हो गई। पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, जिसे इंदौर ने मां जैसा माना, उन्होंने क्यों नहीं पूछा, वहीं इतने साल से मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने वाले ?शिवराजसिंह चौहान इस मामले में अब तक चुप क्यों है। पटवारी ने आगे कहा कांग्रेस शहर के हर वार्ड में वॉटर टेस्टिंग की दो गाड़ियां चलाएगी। जहां भी पानी दूषित मिलेगा, वहां लोगों को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान लंबा चलेगा और जनता को बताया जाएगा कि भाजपा सरकार एक गिलास शुद्ध पानी तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने भागीरथपुरा में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की कीमत सिर्फ दो लाख रुपये लगाई है, जो न्याय नहीं है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि आठ दिन के भीतर मांगें नहीं मानी गईं तो इंदौर बंद किया जाएगा। कांग्रेस ने मांग की कि मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले और दोषी अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के खिलाफ भी नारे लगाए। भावुक माहौल में कुछ महिलाएं रोती हुई नजर आईं। धरना स्थल पर जगह कम पड़ने के कारण शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे कार्यकर्ताओं के साथ सामने की ओर बैठ गए।