Sunday, 04 Oct 2026

महशिवरात्रि पर बाबा भोलेनाथ की भक्ति में डूबे श्रद्धालु

इंदौर (16 फरवरी 26)। शहर के देवालयों में महाशिवरात्रि पर्व की धूम रही। विशेषकर शिवालयों में भगवान शिवशंकर महादेव भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा-अर्चना और अभिषेक कर श्रद्धालुओं ने अपने लिए मंगलकामना की। कहीं बाबा की सवारी निकली तो कही उनकी बारात में लोग झूमते नजर आए। भक्ति, आराधना में डूबे श्रद्धालुओं में हर उम्र के लोग शामिल थे।  

भूतेश्वर महादेव मंदिर पर लगी भक्तों की कतारें-शहर के पश्चिम क्षेत्र, पंचकुइया स्थित श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर पर रविवार को अल सुबह से भक्तों की कतारें लगने लगी थीं। दिनभर मंदिर पर भक्तों का मेला लगा रहा। श्रद्धालुओं ने भूतेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना कर शहर में सुख, शांति और सद्भाव की प्रार्थना की। मंदिर पर चारों प्रहर पूजा भी प्रारंभ हुई जो सुबह तक चली। संध्या को शास्त्रीय संगीत निशा का आयोजन हुआ, जिसमें विदुषी शोभा चौधरी ने शास्त्रीय गायन किया। 

विश्वेश्वर महादेव बने दूल्हा- पंचकुईया स्थित श्री राम मंदिर आश्रम में विश्वेश्वर महादेव द्वादश ज्योतिर्लिंग का पंचकुइया पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर रामगोपालदास महाराज के सानिध्य में 51 आचार्यों विद्वानों द्वारा 24 घंटे अखंड रुद्राभिषेक किया। भगवान का भव्य श्रृंगार कर महाकाल स्वरूप में दूल्हे के रूप सजाया। हजारों  भक्तों द्वारा दिनभर कतारबद्ध होकर अभिषेक किया गया। 

कांटाफोड़ मंदिर पर सैलाब- नवलखा स्थित मनकामेश्वर कांटाफोड़ शिव मंदिर पर पांच दिवसीय शिव विवाह एवं शिवरात्रि महोत्सव के चौथे दिन रविवार को सैकड़ों भक्तों ने ढोल-ढमाकों के साथ भजन गाते हुए मंदिर पहुंचकर दूल्हे बने भगवान शिव और दुल्हन बनी पार्वती मैया को केशर जल से स्नान कराया। महाशिवरात्रि पर शहर के भक्तों ने रविवार की शाम को मंदिर पर मां वैष्णो देवी की गुफा में विराजित मातारानी और रजत मंडित विवाह मंडप में विराजित दूल्हे भगवान भोलेनाथ की जीवंत झांकी के दर्शन किए। 

विद्याधाम पर रतजगा-श्री श्रीविद्याधाम परिसर पर शिव नवरात्रि के उपलक्ष्य में आश्रम के 51 विद्वानों, 151 वेदपाठी बटुकों एवं सैकड़ों भक्तों ने चारों प्रहर आराधना की और पूजा के दौरान भगवान शिव का आम, अंगूर, अनार, संतरा, गन्ना, पान एवं अन्य फलों के रस से रूद्राभिषेक भी किया। संध्या को 108 दीपों से महाआरती के बाद चारों प्रहर विशेष आराधना का क्रम शुरू हुआ, जो सोमवार सुबह 5 बजे तक चलेगा। इसके पूर्व अभिषेकात्मक रूद्राभिषेक में भी सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। 

हंसेश्वर महादेव पर अनुष्ठान- प्राचीन हंसदास मठ पर हंस पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी रामचरणदास महाराज एवं महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के सानिध्य में काशी विश्वनाथ एवं हंसेश्वर महादेव का नमक-चमक से महारुद्राभिषेक संपन्न हुआ। मठ के महंत अमितदास ने बताया कि मठ पर प्रतिमाओं के पूजन, अभिषेक एवं श्रृंगार दर्शन के लिए सुबह से देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। 

गीता भवन में रूद्राभिषेक- मनोरमागंज स्थित गीता भवन पर महाशिवरात्रि उत्सव धूमधाम से मनाया गया। सुबह से देर शाम तक मंदिर पर भक्तों का मेला जुटा रहा। गीता भवन परिसर स्थित सभी मंदिरों में पुष्पों एवं विद्युत सज्जा से श्रृंगार किया गया। प्रातःकालीन सत्संग के बाद पांच ब्राह्मणों द्वारा नमक-चमक से रूद्राभिषेक भी किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

बाणेश्वर कुंड से निकली शोभायात्रा-  बाणेश्वर कुंड पर संस्था नमो नवगृह (शनि) एवं सत्यमेव जयते द्वारा महाशिवरात्रि का महाकुंभ का आयोजन किया गया, जिसके तहत शिव जलाभिषेक सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम हुए। रविवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शोभायात्रा में बैंड, बाजे, बग्घी, झांकियां और आदिवासी नृत्य आकर्षण का केन्द्र रहा। 100 से अधिक मंचो से शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया । शोभायात्रा में राजनीतिक, सामाजिक क्षेत्र के अलावा बडी संख्या में गणमान्यजन शामिल रहे। 

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