मुंबई (15 फरवरी 26)। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ऐतिहासिक शख्सियतों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। मामला तब तूल पकड़ गया जब महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Harshvardhan Sapkal ने एक कार्यक्रम में Tipu Sultan की तुलना Chhatrapati Shivaji Maharaj से कर दी। उनके इस बयान के बाद राज्य की सियासत गरमा गई और मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
बताया जा रहा है कि मालेगांव महानगरपालिका के उपमहापौर के कार्यालय में टीपू सुल्तान का चित्र लगाए जाने को लेकर पहले से ही राजनीतिक हलचल थी। इसी पृष्ठभूमि में बुलढाणा जिले के एक कार्यक्रम के दौरान सपकाळ ने कहा कि शिवाजी महाराज का ‘स्वराज्य’ का विचार अद्वितीय था और बाद में टीपू सुल्तान ने भी ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ संघर्ष करते हुए उसी प्रकार का साहस दिखाया। उन्होंने टीपू को बहादुरी का प्रतीक बताते हुए उन्हें देशभक्त बताया।
इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। इतिहास में टीपू सुल्तान की भूमिका को लेकर अलग-अलग मत होने के कारण यह मुद्दा और संवेदनशील बन गया।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस तुलना पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने मुगल शासन के खिलाफ संघर्ष कर स्वराज्य की स्थापना की और जन-जन को आत्मसम्मान का संदेश दिया। वहीं टीपू सुल्तान को लेकर कई ऐतिहासिक विवाद रहे हैं। फडणवीस ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी तुलना महाराष्ट्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर बयान देते समय जिम्मेदारी और तथ्यों की समझ जरूरी है। उनके मुताबिक, इस तरह की टिप्पणियां समाज में अनावश्यक तनाव पैदा कर सकती हैं। फिलहाल, यह मुद्दा कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।