पेरिस (24 फरवरी 26)। रूस-यूक्रेन युद्ध के चार साल पूरे होने पर फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने यूक्रेन के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए कहा, 'हम यूक्रेन के साथ हैं और रहेंगे।' उन्होंने इस संघर्ष को 'रूस द्वारा चुना गया आक्रामक युद्ध' करार दिया। मैक्रों ने कहा कि चार वर्षों में लगभग 15,000 यूक्रेनी नागरिकों की मौत हुई है। उन्होंने हिंसा, बलात्कार, यातना, युद्ध अपराध और हजारों बच्चों के जबरन निर्वासन की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि 'चार साल बाद भी यूक्रेन डटा हुआ है और रूस अपने रणनीतिक लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया।'
मैक्रों ने दावा किया कि नवंबर 2022 के बाद से रूस केवल 1% अतिरिक्त यूक्रेनी क्षेत्र पर कब्जा कर पाया है।उन्होंने कहा कि 12 लाख से अधिक रूसी सैनिक मारे गए या घायल हुए। रूस को सैन्य, आर्थिक और रणनीतिक तीनों मोर्चों पर विफलता मिली। इस युद्ध ने NATO को और मजबूत किया है। रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin के खिलाफ प्रतिबंध जारी रखने और रूस की 'शैडो फ्लीट' पर कार्रवाई की बात भी दोहराई गई। मैक्रों के अनुसार यूरोप ने अब तक 170 अरब यूरो की वित्तीय, सैन्य और मानवीय सहायता दी है। दिसंबर में यूरोपीय परिषद ने 90 अरब यूरो के ऋण पैकेज को मंजूरी दी, जिससे यूक्रेन को अगले दो वर्षों के लिए स्थिर वित्तीय सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि हथियारों की आपूर्ति, प्रशिक्षण, वायु रक्षा और एंटी-ड्रोन क्षमता को और मजबूत किया जाएगा। मैक्रों ने कहा कि 'यूक्रेन हमारे महाद्वीप की पहली रक्षा पंक्ति है। हमारी सुरक्षा यूक्रेन में तय हो रही है।' उन्होंने 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' के तहत सहयोग जारी रखने और अमेरिका के साथ सुरक्षा गारंटी पर तालमेल बढ़ाने की बात कही। मैक्रों ने यूक्रेन की जनता के नाम संदेश में कहा, 'हम आपके बारे में गहरी भावना के साथ सोचते हैं। आपने जो सहा है, उसे हम नहीं भूलेंगे।' युद्ध के पांचवें वर्ष में प्रवेश के साथ यह साफ है कि यूरोप और फ्रांस यूक्रेन के समर्थन में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।