Sunday, 04 Oct 2026

मोदी की विदेश नीति की भारी कीमत चुकानी पड़ रही: कांग्रेस

नईदिल्ली (02 मार्च 26)। कांग्रेस ने रविवार को कहा कि 'ईरान पर थोपे गए' इस युद्ध पर सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों और हितों के साथ विश्वासघात है और उसने दावा किया कि देश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति की विषयवस्तु और उसके तौर-तरीकों की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, 'चाहे प्रधानमंत्री और उनकी मंडली कितना भी दिखावा कर लें, हकीकत यह है कि स्वयंभू विश्वगुरु के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है।' रमेश ने 'एक्स' पर कहा, 'मोदी ने 25-26 फरवरी 2026 को इजराइल की यात्रा ऐसे समय में की, जब पूरी दुनिया को यह जानकारी थी कि शासन परिवर्तन के उद्देश्य से ईरान पर अमेरिका-इजराइल का सैन्य हमला आसन्न है। मोदी के इजराइल से रवाना होने के केवल दो दिन बाद ही यह हमला शुरू हो गया। वहां नेसेट में दिया गया उनका भाषण नैतिक कायरता का शर्मनाक प्रदर्शन था।' उन्होंने आरोप लगाया, 'ईरान पर थोपे गए इस युद्ध पर मोदी सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों, चिंताओं और हितों के साथ विश्वासघात है।'

रमेश की यह टिप्पणी इजराइल और अमेरिका के एक बड़े हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद आई है। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि 86 वर्षीय खामेनेई की तेहरान के मध्य क्षेत्र स्थित परिसर को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में मौत हो गई। रमेश ने अपने पोस्ट में कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान के साथ अपनी नजदीकियां लगातार बनाए हुए हैं और बार-बार उसी व्यक्ति की सराहना कर रहे हैं, जिसके भड़काऊ बयानों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि तैयार की थी। अमेरिका ने अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान की लड़ाई में साफ तौर पर पाकिस्तान को समर्थन किया है' उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कम से कम सौ बार यह दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका में भारत के निर्यात पर शुल्क बढ़ाने की धमकी देकर 10 मई 2025 को 'ऑपरेशन सिंदूर' रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था। रमेश ने कहा, "लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के इन दावों पर प्रधानमंत्री पूरी तरह मौन हैं। ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की पहली घोषणा 10 मई 2025 को शाम पांच बजकर 37 मिनट पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की थी।' रमेश ने कहा कि दो फरवरी 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है और तत्काल प्रभाव से लागू हो रहा है।

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