ओस्लो (20 मई 26)। ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आइसलैंड, फिनलैंड और डेनमार्क के प्रधानमंत्रियों के साथ अलग-अलग महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में स्वच्छ ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी, व्यापार, निवेश, डिजिटलीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रक्षा सहयोग और सतत विकास जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रन फ्रॉस्टडॉटिर के साथ बैठक के बाद कहा कि भारत आइसलैंड के साथ अपनी मित्रता को बेहद महत्व देता है। दोनों नेताओं ने स्वच्छ ऊर्जा, मत्स्य पालन, भू-तापीय ऊर्जा, कार्बन कैप्चर और स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। मोदी ने आइसलैंड की ‘ब्लू इकोनॉमी’ क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति देगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच नवीकरणीय ऊर्जा, नवाचार, डिजिटल तकनीक, आर्कटिक सहयोग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी बातचीत हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो से मुलाकात की। इस बैठक में व्यापार, निवेश, एआई, 5G-6G, क्वांटम तकनीक, सर्कुलर इकोनॉमी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को जल्द लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और अब इस साझेदारी को नई ऊर्जा देने का समय है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि शिक्षा, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक चर्चा हुई।प्रधानमंत्री मोदी ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ भी व्यापक वार्ता की। दोनों नेताओं ने हरित ऊर्जा, जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, खाद्य प्रसंस्करण, डिजिटल टेक्नोलॉजी और हरित परिवहन जैसे क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया। मोदी ने कहा कि आने वाले समय में फिनटेक, रक्षा, उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच साझेदारी और मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने डेनमार्क के पेंशन फंड्स को भारत में निवेश बढ़ाने का निमंत्रण भी दिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने ‘ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।