Sunday, 04 Oct 2026

मोदी ने मंत्रियों से सुधारों पर अपना एजेंडा पेश करने को कहा

नईदिल्ली (28 फरवरी 26)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुधारों को लेकर महत्वाकांक्षी एजेंडा सामने रखते हुए अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों से कहा है कि वे अपने-अपने मंत्रालयों में आने वाले वर्षों में किए जाने वाले सुधारात्मक कदमों पर विस्तृत नोट तैयार करें। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि यह कवायद सरकार के सुधारों पर केंद्रित 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' एजेंडा का हिस्सा है जिसके तहत प्रक्रियाओं को सरल बनाना, कारोबारी सुगमता में सुधार करना और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन का दायरा बढ़ाना लक्ष्य है।

मंत्रियों से कहा गया है कि वे यह नोट स्वयं तैयार करें और केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में उसे पेश कर अपने मंत्रालय की गतिविधियों और सुधार दृष्टिकोण की जानकारी दें। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडलीय सचिवालय ने एक निर्धारित प्रारूप प्रसारित किया है, जिसमें हरेक मंत्रालय को पिछले कुछ वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों के साथ भविष्य की सुधार पहलों का विवरण देना होगा। इस प्रारूप में यह स्पष्ट करना होगा कि सुधार कब लागू किए गए या कब प्रस्तावित हैं और उन सुधारों से क्या परिणाम अपेक्षित हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि हरेक मंत्रालय अपने सुधार एजेंडे को प्राथमिकता दे ताकि उसके परिणाम जमीनी स्तर पर दिखाई दें। यह समूची प्रक्रिया वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की व्यापक रूपरेखा का हिस्सा मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि उनकी सरकार की 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' से आम नागरिकों को व्यापक लाभ मिल रहा है। अगले दशक की शीर्ष प्राथमिकताओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हमारी दिशा स्पष्ट है, इसे किसी निश्चित संख्या तक सीमित नहीं किया जा सकता।' प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को 'विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार एवं वित्त' विषय पर आयोजित एक बजट-पश्चात वेबिनार में सरकार, उद्योग, वित्तीय संस्थानों और अकादमिक जगत के बीच सहयोग के लिए 'सुधार साझेदारी चार्टर' विकसित करने का सुझाव भी दिया।

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