तेहरान (12 मार्च 26)। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सैयद अब्बास आराघची ने यूएन से अमेरिका और इजरायल के हमलों की खुलकर निंदा करने की मांग की है। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार अराघची ने यह बात अंटोनिओ गुतेरेस, महासचिव संयुक्त राष्ट्र से फोन पर हुई बातचीत के दौरान कही। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में जारी हमलों के दौरान स्कूल, अस्पताल, रिहायशी इलाके, ऐतिहासिक इमारतें जैसी नागरिक जगहों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया।
अराघची ने कहा कि ईरान को इस 'थोपे गए युद्ध' में आत्मरक्षा का अधिकार है। उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि यूएस ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखी, तो ईरान क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बना सकता है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आत्मरक्षा के अधिकार के दायरे में होगी। ईरान ने कहा कि अब समय आ गया है कि United Nations Security Council और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इन हमलों की स्पष्ट और कड़ी निंदा करें। ईरान का कहना है कि अगर दुनिया चुप रहती है या कमजोर प्रतिक्रिया देती है, तो इससे क्षेत्र में अस्थिरता और तनाव और बढ़ सकता है। वहीं अंटोनिओ गुतेरेस ने बातचीत के दौरान कहा कि सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए। नागरिकों और नागरिक ढांचे पर हमले से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि मिडिल ईस्ट का यह संघर्ष क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर फैल सकता है और इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।