नईदिल्ली (09 मार्च 26)। पश्चिम बंगाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के साथ जिस तरह का व्यवहार सामने आया है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे पूरे देश को दुख पहुंचा है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने हाल ही में जो पीड़ा व्यक्त की है, उससे देशभर के लोगों को निराशा हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति का पद संविधान की सर्वोच्च गरिमा का प्रतीक है और इस पद का सम्मान हर परिस्थिति में बनाए रखना जरूरी है।
यह विवाद उस समय सामने आया जब सिलीगुड़ी के पास आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल में बदलाव को लेकर असंतोष जताया। उनके अनुसार, कार्यक्रम पहले बिधाननगर में आयोजित होना तय था, जहां बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी संभव थी। हालांकि, बाद में सुरक्षा और भीड़भाड़ का हवाला देते हुए कार्यक्रम का स्थान बदल दिया गया। राष्ट्रपति ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि प्रशासन ने अंतिम समय में यह फैसला क्यों लिया। उन्होंने यह भी कहा कि जिस स्थान पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, वहां इतनी समस्या नहीं थी कि लोगों की बड़ी भीड़ को रोका जाए। राष्ट्रपति ने यह भी उल्लेख किया कि स्वागत के लिए राज्य सरकार के प्रमुख प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ने उन्हें हैरान किया। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू बिधाननगर भी गईं और वहां प्रतीकात्मक रूप से पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने दोबारा सवाल उठाया कि पहले से तय स्थान पर कार्यक्रम क्यों नहीं होने दिया गया।