Sunday, 04 Oct 2026

विदेशों में अपने नागरिकों की सुरक्षा में भारत नंबर वन

नईदिल्ली (16 मार्च 26)। दुनिया भर में युद्ध और संकटग्रस्त क्षेत्रों में फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालने के मामले में भारत को सबसे 'प्रोएक्टिव और रिस्पॉन्सिव' देशों में से एक बताया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े निकासी अभियानों के जरिए हजारों नागरिकों को संघर्ष क्षेत्रों से सुरक्षित बाहर निकाला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने तेज कूटनीतिक प्रयास, सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सैन्य लॉजिस्टिक्स के जरिए कई सफल ऑपरेशन चलाए।

इनमें प्रमुख अभियान शामिल हैं: ऑपरेशन राहत- यमन संकट के दौरान निकासी, ऑपरेशन संकट मोचन- दक्षिण सूडान से भारतीयों की वापसी, ऑपरेशन

गंगा- रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान छात्रों की निकासी और ऑपरेशन कावेरी सूडान संकट में राहत अभियान। इन अभियानों के जरिए हजारों भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत ने केवल अपने नागरिकों को ही नहीं बल्कि संकट के समय अन्य देशों के नागरिकों को भी सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की, जिससे भारत की मानवीय छवि मजबूत हुई। जब मध्य-पूर्व में ईरान औरइसराइल के बीच तनाव बढ़ा, तब भारतीय सरकार ने स्थिति पर लगातार नजर रखी और निकासी के लिए तैयारियां तेज कीं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की 'सबसे बड़ी प्राथमिकता' है। 

ऑपरेशन सिंधु’ से सुरक्षित वापसी: 2025 में पश्चिम एशिया के तनाव के दौरान भारत ने ऑपरेशन सिंधु शुरू किया। इस अभियान के तहत भारतीय नागरिकों को पहले Armenia पहुंचाया गया और फिर विशेष विमानों से भारत लाया गया। रिपोर्ट के अनुसार इस प्रक्रिया को बेहद व्यवस्थित और सुरक्षित बताया गया। रूस-यूक्रेन युद्ध में सबसे बड़ा मिशन- रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने रूसिए यूक्रेन युद्ध में फंसे नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेश गंगा शुरू किया। इस अभियान में  23,000 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया। 18 देशों के 147 विदेशी नागरिकों को भी मदद मिली। इन लोगों को पहले पोलैंड, रोमानिया, हंगरी, स्लोवाकिया और मोल्दोवा जैसे पड़ोसी देशों में पहुंचाया गया और फिर विशेष उड़ानों से भारत लाया गया।

Tags:

Follow us

This question is not available..!