भोपाल (31अगस्त 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में रहने वाले विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु समुदाय के लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिया जाएगा। प्राचीन काल से घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु जातियों ने साहस और शौर्य के अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु जातियों के युवाओं और अन्य प्रतिभाओं को शिक्षा के साथ अच्छे भविष्य और कॅरियर निर्माण के लिए राज्य सरकार पूर्ण सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में विमुक्ति दिवस के राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घुमन्तु, अर्धघुमन्तु कल्याण विभाग की प्रदर्शनी भी देखी और विभाग के पोर्टल 'समर्थ' का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन जातियों को एक स्थान का निवासी घोषित करने के उद्देश्य से एक स्थान मान्य करते हुए मूल मुकाम को दर्ज किया जाएगा। इसके अनुसार आवश्यक अभिलेख तैयार करने में मदद मिलेगी। इससे घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु समुदाय की वे जातियां जो वर्तमान में कल्याण योजनाओं के लाभों से छूटी हुई हैं, उन्हें भी योजनाओं का लाभ दिया जा सकेगा। भाट, चारण, बेलदार, पारधी, कुचबंदिया आदि जातियों को भी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। कबूतरी, कालबेलिया, सिकलीगर, बांछड़ा आदि जातियों के लिए विशेष योजना बनेगी। गड़रिया, लोहार जाति एवं अन्य जातियों के लिए आवश्यकतानुसार आवास व्यवस्था की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देते हुए इन जातियों के नागरिकों को बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी। युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण का भी लाभ दिया जाएगा। कार्यक्रम में बंजारा लोक कलाकार रीना पवार ने प्रभावी पारम्परिक नृत्य प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावी प्रस्तुति के लिये कलाकार रीना पवार को 21 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमुक्ति दिवस के पूरे प्रदेश में आयोजन के लिए विभाग एवं आयोजक संस्थाओं को बधाई दी।